खोरी गाँव में महापंचायत होने से पहले हुआ बवाल, पुलिस और लोगों के बीच हुई झड़प

फरीदाबाद न्यूज: फरीदाबाद जिले के खोरी गनवे में पुनर्वास के मांग को लेकर बीते बुधवर के दिन एक महापंचायत होने वाली थी। लेकिन महापंचयत होने से थोड़े देर पहले है पुलिस और वहाँ के स्थानीय लोगों में थोड़ी नोक- झोंक हो गई। लोगों ने पुलिस पर पथराव करने लगे। पुलिस ने भी अपने बचाव में भी लठियाँ चार्ज की।

पुलिस और वहाँ के लोगों के बीच में हुई संघर्ष में कई लोग घायल भी हो गए है। इस नोक-झोंक में सूरजकुंड के पुलिस थन में 400 अज्ञात लोगों पर एफआईआर दर्ज किया गया है।

There was a ruckus in Khori village before the Mahapanchayat
पुलिस और लोगों के बीच संघर्ष

पुलिस ने बताया कि उन्होंने पूरे घटना स्थल की विडिओ बनाई है। और पुलिस ने कहा है कि हम जल्दी ही महापंचायत में शामिल हुए उपद्रवी की पहचान करके उन्हे सलाखों के पीछे डाला जाएगा।

इस वजह से हुआ पुलिस और लोगों के बीच संघर्ष

दरअसल यह मामला खोरी गाँव का है। जहां पर सुप्रीम कोर्ट ने ऑर्डर दिया है कि 6 सप्ताह में पूरे गाँव को खाली कर दिया जाए। इस ऑर्डर को पूरा करने के लिए पूरा जिला प्रसासन अपनी तैयारी में लगा हुआ था। इसी बीच खोरी गाँव में कुछ लोगों ने मिलकर बुधवार को एक महापंचायत रखी थी। जिस महापंचायत में किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी को भी आमंत्रित किया गया था।

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यह एक बहुत ही बड़ी पंचायत होने वाली थी इसलिए पुलिस ने अपनी कड़ी बन्दोबस किया था। कुछ देर बाद सुराजक कुंड रोड पर बड़ी संख्या में लोग एकत्रित होने लगे। पुलिस ने लोगों को भीड़ न लगाने के लिए बोली। लेकिन लोगों की भीड़ बदती ही जा रही थी।

इसलिए पुलिस वालों ने भीड़ पर काबू करने के पुलिस ने कुछ लोगों पर लाठी चार्ज शुरू करने लग गई। वहाँ के स्थानीय लोगों ने भी पुलिस पर पथराव शुरू कर दिए।

वहाँ के लोगों ने किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी से कहा कि हम इस गाँव में 40 साल से भी ज्यादा से रह रहे है। इसलिए हमे ऐसे हटाया नहीं जा सकता है। और खोरी गाँव के लोगों ने कहा की उन सभी अधिकार्यों पर कड़ी कारवाई करनी चाहिए जिन लोगों ने हमे इस गाँव में बसने दिया।

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