• December 3, 2022
26 जनवरी से 15 अगस्त को ध्वजारोहण का तरीका में 3 बड़े अंतर होते है
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Independence Day :- हम इस साल 75 वाँ स्वतंत्रता दिवस मना रहे है। 75 वाँ स्वतंत्र दिवस के मनाने की तैयारी जोरों शोरों से चल रही है।

क्या आप जानते है कि 26 जनवरी और 15 अगस्त के दिन ध्वजारोहण का तरीका अलग-अलग होता है। 15 अगस्त 1947 को हमारा देश आजाड हुआ था।

वहीं 26 जनवरी 1950 को हमे अपने संविधान और लोकतंत्र की अहमियत का मिलता था। इसलिए हम 26 जनवरी को गड़तन्त्र के रूप में मानते है।

लेकिन 15 अगस्त और 26 जनवरी के दिन झण्डा फहराने में 3 बड़े अंतर है। लेकिन इन अंतर के बारें में बहुत ही कम लोग जानते है।

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अगर आप एक भारतीय नागरिक है तो इन अंतर के बारें में जानना बहुत ही जरूरी है। चलिए उन अंतर के बारें जानते है।

26 जनवरी से 15 अगस्त को ध्वजारोहण का तरीका में 3 बड़े अंतर होते है
26 जनवरी से 15 अगस्त को ध्वजारोहण का तरीका में 3 बड़े अंतर होते है Independence Day 

पहला अंतर

15 अगस्त को ध्वजारोहण लालकीले पर देश के प्रधानमंत्री करते है। इस समय हमारे देश के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी जी है तो 15 अगस्त पर ध्वजारोहण करेंगे। अगर हम 26 जनवरी की बात करें तो उस दिन ध्वजारोहण देश के राष्ट्रपति करते है।

दूसरा अंतर

15 अगस्त और 26 जनवरी दोनों दिन मुख्य कार्यक्रम नई दिल्ली में आयोजित किया जाता है। लेकिन 15 अगस्त को झण्डा लालकिले पर फहराया जाता है जबकि 26 जनवरी को झण्डा झंडोतोलन राजपथ/इंडिया गेट पर फहराया जाता है।

तीसरा अंतर

15 अगस्त को झंडे को थोड़ा ऊपर खींचा जाता है फिर फहराया जाता है। और 26 जनवरी को झण्डा एक ही जगह बंधा होता है। बस उसे खोला जाता है। 15 अगस्त को ध्वजारोहण होता है, जबकि 26 जनवरी को केवल झण्डा फहराया जाता है।

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