किसानों पर लाठीचार्ज सोची समझी साजिश,मै किसी जाति विशेष नही बल्कि भेदभाव के ख़िलाफ़ : राजकुमार सैनी

किसानों पर लाठीचार्ज सोची समझी साजिश,मै किसी जाति विशेष नही बल्कि भेदभाव के ख़िलाफ़ : राजकुमार सैनी (Rajkumar Saini)

जीन्द: लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी के सुप्रीमो व पूर्व सांसद राजकुमार सैनी ने एक निजी मीडिया को दिए इंटरव्यू में कहा कि हिसार में प्रदर्शन कर रहे किसानों पर लाठीचार्ज करना सरकार की सोची समझी रणनीति थी,

मुख्यमंत्री से 1 किलोमीटर दूर बैठी एक किसान की बेटी पर भी मुकदमा दर्ज करना वो भी जान से मारने की कोशिश का, दिखाता है कि मुख्यमंत्री जी किस प्रकार किसान आंदोलन से घबराए हुए है।

वे अनाप शनाप मुकदमे लगवाकर किसान आंदोलन को दबाना चाहते है, जबकि ऐसा किसी सूरत में नही होगा, सरकार को तीनों कृषि कानून वापिस लेने ही होंगे।

पार्टी सुप्रीमो ने कहा कि जब से किसान आंदोलन चला है तब से उसकी पार्टी के प्रतिनिधि आंदोलन में बढ़ चढ़ कर भाग ले रहे है, कुरुक्षेत्र पिपली में नायब सिंह पटाकमाजरा, व सिंघु बॉर्डर पर राजबाला सैनी किसान आंदोलन में भाग ले रही है। व अपनी तरफ से सभी प्रकार की मदद उपलब्ध करवा रहे है।
कोरोना बीमारी को लेकर भी सैनी ने सरकार पर निशाना साधा, उन्होंने कहा कि इस महामारी को कंट्रोल करने में सरकार असफल रही, रोगियों को समय पर न बेड मिल सके न ऑक्सिजन सिलेंडर.

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राजकुमार सैनी ने बताया कि उनकी इंडस्ट्रीज से जितनी भी ऑक्सिजन की हेल्प हो सकी उन्होंने इस कठिन समय मे मदद की। एक सवाल पर उन्होंने कहा कि मैंने कभी जाटों के खिलाफ नही बोला, मैंने हमेशा गरीब, शोषित व पीड़ित की आवाज उठाई है, किसी जाति के खिलाफ कुछ नही बोला, अगर किसी के पास मेरी कोई वीडियो या मेरे द्वारा दी प्रेस विज्ञप्ति हो तो दिखाए मैं राजनीति से संन्यास ले लूंगा व उस व्यक्ति को 10 करोड़ का इनाम दूंगा।

मैं किसी जाति के खिलाफ नही केवल भेदभाव के खिलाफ हु, मेरी इंडस्ट्रीज में 10% से ज्यादा जाट काम कर रहे है, जिसकी जितनी योग्यता है उसको वही पद दिया है, सामान्य कर्मचारी से लेकर मैनेजर पद तक जाट काम कर रहे है, तो बताओ मैं जाटों के खिलाप कैसे हो गया?
उन्होंने कहा कि मेरे खिलाफ एक सोची समझी रणनीति के तहत झूठा प्रचार किया गया, प्रेस व मीडिया को मैनेज किया गया कि मैंने किसी समाज के खिलाफ बोला है जबकि कोई सबूत नही मिला।

आज भी मैं अपने शब्दों पर कायम हूं, और हमेशा रहूंगा। मैंने हमेशा भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई है, व उठाता रहूंगा, आज मैं पाखण्डवाद के खिलाफ लोगों को जागरूक कर रहा हूं लेकिन कुछ लोग इसको ब्राह्मणों के खिलाफ प्रचार कर रहे है, मैं किसी भी जाति के खिलाफ नही, समाज मे हुए भेदभाव व पाखण्ड और अंधविश्वास के खिलाफ बोलना किसी जाति के खिलाफ कैसे हो गया?

राजकुमार सैनी ने कहा कि सरकार तुरंत किसानों पर दर्ज मुकदमे वापिस ले, व तीनो कृषि कानून वापिस ले, लोकतंत्र में सभी को विरोध प्रदर्शन का हक है। सरकार इस संविधानिक हक को दबा नही सकती।

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