• October 6, 2022
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Short info :- कोरोना वायरस महामारी ने हर किसी को जमकर परेशान किया, और अभी भी इसका डर लोगों के बीच है। ऐसे में इसकी शुरुआत के साथ ही बचाव के लिए जो चीज सामने आई, वो है हैंड सैनिटाइजर।

पिछले साल तक जिन लोगों ने इसके बारे में सुना तक भी नहीं था,अब वो इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। क्या बच्चे, क्या युवक और क्या बुजुर्ग।

हर कोई हैंड सैनिटाइजर से अपने हाथों को साफ कर रहा है, ताकि कोरोना वायरस जैसी महामारी से बचा जा सके। लेकिन एक अध्ययन ने सबको हैरान कर दिया है।

जिसमें कहा गया है कि ये हैंड सैनिटाइजर बच्चों के लिए सही नहीं है। तो चलिए जानते हैं इस बारे में।

दरअसल,फ्रांस में हुए इस अध्ययन में बताया गया है कि

अल्कोहल से भरपूर हैंड सैनिटाइजर अगर गलती से आंख में चला जाए तो ये आंखों की रोशनी जाने का कारण भी बन सकता है, जिसका ज्यादातर शिकार बच्चे हो सकते हैं।

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अध्ययन में कहा गया है कि साल 2019 में हैंड सैनिटाइजर ने बच्चों में हुए सभी रासायनिक नेत्र जोखिम की घटनाओं का केवल 1.3 प्रतिशत हिस्सा था।

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हैंड सैनिटाइजर है। काफी खतरनाक बच्चों के आंखों के लिए

जो कि साल 2020 के अंत तक 9.9 प्रतिशत तक पहुंच गया था। वहीं, इसकी वजह से फ्रांस में सिर्फ एक बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत पड़ी थी।

दूसरी तरफ साल 2020 में 16 बच्चों को इस तरह के रासायनिक जोखिम की वजह से अस्पताल में भर्ती कराया गया था।”

फ्रेंच पॉइजन कंट्रोल सेंटर के डेटाबेस के अनुसार, साल 2020 में हैंड सैनिटाइजर के कारण बच्चों के घायल होने की घटना में सात गुना तक इजाफा हुआ। अध्ययन ये भी बताता है।

कि, एक अप्रैल 2020 से 24 अगस्त 2020 तक हैंड सैनिटाइजर से हुई दुर्घटनाओं की संख्या 232 रही, और यही सख्या साल 2019 में महज 33 थी।

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दुनियाभर के शोधकर्ता इस बात को कहते हैं कि बच्चों को सैनिटाइजर की पहुंच से दूर रखना चाहिए, क्योंकि ये उनके लिए घातक भी हो सकता है।

वहीं, भारत के शोधकर्ता भी इस बात पर जोर देते हैं कि, बच्चों द्वारा हैंड सैनिटाइजर इस्तेमाल करते समय हमें काफी सतर्कता बरतनी चाहिए।

क्योंकि अगर ये उनकी आंख में जाता है तो इससे उन्हें नुकसान पहुंच सकता है। भारत में भी कई ऐसे मामले आए हैं, जिनके कारण बच्चों को अस्पताल तक ले जाना पड़ा है।

बच्चों के हाथ में जब सैनिटाइजर लग जाता है, तो उनकी आदत होती है कि वो अपने हाथों को बार-बार आंखों पर लगाते हैं, जिसकी वजह से समस्याएं खड़ी हो सकती हैं।

ये बात सभी जानते हैं कि दुनियाभर में जो हैंड सैनिटाइजर इस्तेमाल होता है, उसमें 70 प्रतिशत तक अल्कोहल का इस्तेमाल किया जाता है।

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ऐसा इसलिए क्योंकि अल्कोहल को मिलाकर जो मिश्रण तैयार किया जाता है, वो कोरोना वायरस जैसे कई घातक वायरस पर काफी असरदार साबित हुआ है।

इसलिए इसका इस्तेमाल हैंड सैनिटाइजर में किया जाता है। लेकिन अगर ये बच्चों या किसी अन्य व्यक्ति की भी आंखों में चले जाए, तो ये काफी नुकसान दे सकता है।

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