हैंड सैनिटाइजर है। 5 साल के बच्चों केआंखों के लिए काफी खतरनाक

Short info :- कोरोना वायरस महामारी ने हर किसी को जमकर परेशान किया, और अभी भी इसका डर लोगों के बीच है। ऐसे में इसकी शुरुआत के साथ ही बचाव के लिए जो चीज सामने आई, वो है हैंड सैनिटाइजर।

पिछले साल तक जिन लोगों ने इसके बारे में सुना तक भी नहीं था,अब वो इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। क्या बच्चे, क्या युवक और क्या बुजुर्ग।

हर कोई हैंड सैनिटाइजर से अपने हाथों को साफ कर रहा है, ताकि कोरोना वायरस जैसी महामारी से बचा जा सके। लेकिन एक अध्ययन ने सबको हैरान कर दिया है।

जिसमें कहा गया है कि ये हैंड सैनिटाइजर बच्चों के लिए सही नहीं है। तो चलिए जानते हैं इस बारे में।

दरअसल,फ्रांस में हुए इस अध्ययन में बताया गया है कि

अल्कोहल से भरपूर हैंड सैनिटाइजर अगर गलती से आंख में चला जाए तो ये आंखों की रोशनी जाने का कारण भी बन सकता है, जिसका ज्यादातर शिकार बच्चे हो सकते हैं।

अध्ययन में कहा गया है कि साल 2019 में हैंड सैनिटाइजर ने बच्चों में हुए सभी रासायनिक नेत्र जोखिम की घटनाओं का केवल 1.3 प्रतिशत हिस्सा था।

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हैंड सैनिटाइजर है। काफी खतरनाक बच्चों के आंखों के लिए

जो कि साल 2020 के अंत तक 9.9 प्रतिशत तक पहुंच गया था। वहीं, इसकी वजह से फ्रांस में सिर्फ एक बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत पड़ी थी।

दूसरी तरफ साल 2020 में 16 बच्चों को इस तरह के रासायनिक जोखिम की वजह से अस्पताल में भर्ती कराया गया था।”

फ्रेंच पॉइजन कंट्रोल सेंटर के डेटाबेस के अनुसार, साल 2020 में हैंड सैनिटाइजर के कारण बच्चों के घायल होने की घटना में सात गुना तक इजाफा हुआ। अध्ययन ये भी बताता है।

कि, एक अप्रैल 2020 से 24 अगस्त 2020 तक हैंड सैनिटाइजर से हुई दुर्घटनाओं की संख्या 232 रही, और यही सख्या साल 2019 में महज 33 थी।

दुनियाभर के शोधकर्ता इस बात को कहते हैं कि बच्चों को सैनिटाइजर की पहुंच से दूर रखना चाहिए, क्योंकि ये उनके लिए घातक भी हो सकता है।

वहीं, भारत के शोधकर्ता भी इस बात पर जोर देते हैं कि, बच्चों द्वारा हैंड सैनिटाइजर इस्तेमाल करते समय हमें काफी सतर्कता बरतनी चाहिए।

क्योंकि अगर ये उनकी आंख में जाता है तो इससे उन्हें नुकसान पहुंच सकता है। भारत में भी कई ऐसे मामले आए हैं, जिनके कारण बच्चों को अस्पताल तक ले जाना पड़ा है।

बच्चों के हाथ में जब सैनिटाइजर लग जाता है, तो उनकी आदत होती है कि वो अपने हाथों को बार-बार आंखों पर लगाते हैं, जिसकी वजह से समस्याएं खड़ी हो सकती हैं।

ये बात सभी जानते हैं कि दुनियाभर में जो हैंड सैनिटाइजर इस्तेमाल होता है, उसमें 70 प्रतिशत तक अल्कोहल का इस्तेमाल किया जाता है।

ऐसा इसलिए क्योंकि अल्कोहल को मिलाकर जो मिश्रण तैयार किया जाता है, वो कोरोना वायरस जैसे कई घातक वायरस पर काफी असरदार साबित हुआ है।

इसलिए इसका इस्तेमाल हैंड सैनिटाइजर में किया जाता है। लेकिन अगर ये बच्चों या किसी अन्य व्यक्ति की भी आंखों में चले जाए, तो ये काफी नुकसान दे सकता है।

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अब इंसान के दिमाग में चिप एलोन मस्क का ड्रीम प्रोजेक्ट क्या है,2022

Short info :– आपको बता दें कि एलन मस्‍क की कंपनी ब्रेन-चिप रिसर्च पर जोर शोर से जुटी है।और न्‍यूरालिंक जल्‍द ही इंसानी दिमाग पर परीक्षण शुरू करने की तैयारी कर रहा है।मस्क ने दावा किया जिसमें  दिमाग में चिप

कि छोटी सी ब्रेन चिप इंसान की जिंदगी में कई तरह के बदलाव लेकर आएगी दुनिया के सबसे अमीर इंसान एलन मस्‍क का ब्रेन-चिप रिसर्च वाला स्‍टार्टअप न्‍यूरालिंक जल्‍द ही

इंसानी परीक्षण शुरू करने की तैयारी कर रहा है,आपको बता दें कि इस चिप की मदद से पैरालसिस से पीड़ित इंसान अपने दिमाग से उंगलियों से ज्‍यादा तेज गति से स्‍मार्टफोन चला सकेगा।

न्यूरालिंक इससे पहले सूअर और बंदर पर इस चिप को आजमा जा चुका है। 9 साल के बंदर में चिप लगाई गई थी जिससे वो केवल माइंड से वीडियो गेम खेल पा रहा था।

जिसकी स्टार्टअप एलन मस्क ने इस स्टार्टअप को 2016 में सैन फ्रांसिस्को बे एरिया में शुरू किया था। इसके जरिए अल्जाइमर, डिमेंशिया और रीढ़ की हड्डी की चोटों जैसे न्यूरोलॉजिकल,

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अब इंसान के दिमाग में चिप

समस्याओं का इलाज करने में मदद करने के लिए मानव मस्तिष्क में एक कंप्यूटर इंटरफेस को प्रत्यारोपित करने का लक्ष्य है। आपको बता दें कि ये स्टार्टअप टेक्नोलॉजी का यूज करके ह्यूमन-AI सिम्बायोसिस बनाने की कोशिश कर रही है।

पिछले महीने एलन मस्‍क ने कहा था कि ह्यूमन पर इसका अर्ली ट्रायल 2022 में शुरू होगा मस्‍क का कहना है,इसके जरिए हमारे पास किसी ऐसे व्यक्ति को ताकत देने का मौका है,जो कि चल फिर नहीं सकता है। या फिर अपने हाथों से काम नहीं कर सकता है।

सिक्के के साइज का है,डिवाइज :-

मस्क ने क्लिनिकल ट्रायल डायरेक्टर की भर्ती निकाली है। इसमें वैसे कैंडिडेट की ज्वाइनिंग की जा रही है। जो मिशन को समझते हों और आगे के प्रयोग के लिए इच्छुक और उत्सुक हो कैंडिडेट इनोवेटिव डॉक्टर्स और टॉप इंजीनियर्स के साथ काम करेंगे।

इसके अलावा न्यूरालिंक के पहले क्लिनिकल ट्रायल पार्टिसिपेंट के तौर पर काम करने का भी मौका मिलेगा वहीं एलन मस्क का कहना है कि न्यूरालिंक डिवाइस सिक्के के आकार का है।

जिसे स्कल या खोपड़ी में लगाया जा सकता है। यह केवल एक डिवाइज लगाकर ब्रेन और स्पाइन की समस्या को आसानी से हल किया जा सकता है। एलन मस्क ने बताया कि भविष्य में आप मेमोरी को सेव या रिप्ले कर सकते हैं।

साथ ही नई बॉडी या रोबोट बॉडी में भी डाउनलोड किया जा सकता है। यह प्रयोग कितना असरदार होगा, यह इंसान के ट्रायल के बाद ही पता चल सकेगा।

एलन मस्‍क की कंपनी ब्रेन-चिप रिसर्च पर जोर शोर से जुटी है. न्‍यूरालिंक जल्‍द ही इंसानी दिमाग पर परीक्षण शुरू करने की तैयारी कर रहा है। मस्क ने दावा किया है कि छोटी सी ब्रेन चिप इंसान की जिंदगी में कई तरह के बदलाव लेकर आएगी

दुनिया के सबसे अमीर इंसान एलन मस्‍क का ब्रेन-चिप रिसर्च वाला स्‍टार्टअप (chip in human brain) न्‍यूरालिंक जल्‍द ही इंसानी परीक्षण शुरू करने की तैयारी कर रहा है।

Conclusion :-

एलॉन मुस्क ने इसके जरिए अल्जाइमर, डिमेंशिया और रीढ़ की हड्डी की चोटों जैसे न्यूरोलॉजिकल समस्याओं का इलाज करने में मदद करने के लिए मानव मस्तिष्क में एक कंप्यूटर इंटरफेस को प्रत्यारोपित करने का लक्ष्य है।

ये स्टार्टअप टेक्नोलॉजी का यूज करके ह्यूमन-AI सिम्बायोसिस बनाने की कोशिश कर रही है। पिछले महीने एलन मस्‍क ने कहा था कि ह्यूमन पर इसका अर्ली ट्रायल 2022 में शुरू हो सकती है।

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क्यों सूर्य से निकली शक्‍त‍िशाली एक्‍सरे वेव 2022

Short info :– आपको बता दें कि नासा की सोलर डायनेमिक्स ऑब्जर्वेटरी द्वारा गुरुवार को मिड लेवल की सूर्य फ्लेयर की तस्‍वीरें ली गईं और जब उस फ्लेयर के बारे में एनालिसिस किया गया

तो साइंटिस्‍ट हैरान रह गए इन सोलर फ्लेयर से एक्‍सरे वेव निकल रही थी जो यदि धरती तक पहुंच जाएं तो यहां हम सभी मानव जीवन पर काफी खतरनाक असर डाल सकती हैं। और नासा ने यह भी बात जानकारी दी कि

मिनटों से लेकर घंटों तक चल सकते हैं,सोलर फ्लेयर्स

नासा ने कहा की हमारी सहयोगी वेबसाइट WION की रिपोर्ट के अनुसार, यह फ्लेयर गुरुवार को इंटरनेशनल स्‍टैंडर्ड टाइम के अनुसार 1 बजकर 1 मिनट पर और इंडियन स्‍टैंडर्ड टाइम के हिसाब से 11 बजकर 31 बजे देखी गईं।

इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन के शक्तिशाली विस्फोट, जिन्हें सोलर फ्लेयर्स कहा जाता है, मिनटों से लेकर घंटों तक चल सकते हैं.

मिड लेवल की खतरनाक एक्‍सरे फ्लेयर

नासा ने इस फ्लेयर को M5.5 क्लास वन के रूप में वर्गीकृत किया है। नासा ने कहा कि ये एक मिड लेवल की खतरनाक एक्‍सरे फ्लेयर थी।

और साथ ही अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा कि सूर्य ने 20 जनवरी 2022 को मिड लेवल सोलर फ्लेयर का उत्सर्जन किया जो एक बजकर एक मिनट पर चरम पर थीं।

विद्युत पावर ग्रिड,नेविगेशन सिग्नल,रेडियो संचार हो सकते हैं प्रभाव‍ित

हालांकि ये हानिकारक विकिरण, ग्रह पर जीवन को प्रभावित करने के लिए पृथ्वी के वायुमंडल से नहीं गुजर सकते हैं लेकिन इसकी इंटेंसिटी बहुत अधिक होने पर विद्युत पावर ग्रिड

नेविगेशन सिग्नल, रेडियो संचार को प्रभावित कर सकते हैं. यह अंतरिक्ष यान और अंतरिक्ष यात्रियों के लिए भी जोखिम पैदा करते हैं।

सूर्य 

सूर्य पर मजबूत चुंबकीय क्षेत्रों की उपस्थिति वाले होते हैं,इलाके नेशनल ओशनिक एंड एटमॉस्फेरिक एडमिनिस्ट्रेशन के स्पेस वेदर प्रेडिक्शन सेंटर ने कहा सौर फ्लेयर्स आमतौर पर सक्रिय क्षेत्रों में होते हैं।

जो कि सूर्य पर मजबूत चुंबकीय क्षेत्रों की उपस्थिति से मार्कड इलाके होते हैं। आमतौर पर सनस्पॉट समूहों से जुड़ा होता है. जैसे-जैसे ये चुंबकीय क्षेत्र विकसित होते हैं।

वे अस्थिरता के प्‍वांइट तक पहुंच सकते हैं। और विभिन्न रूपों में ऊर्जा जारी कर सकते हैं। इनमें इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन शामिल हैं जिन्हें सोलर फ्लेयर्स के रूप में देखा जाता है।

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क्या किया PM मोदी ने नेताजी की 125 वी जयंती पर

Short info :– आपको बता दें कि आज देश में महान स्वाधीनता सेनानी एवं आजाद हिन्द फौज के संस्थापक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती मनाई जा रही है।

चारों तरफ उन्हें श्रद्धांजलि देने की प्रक्रिया जारी है। वहीं आज नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती के मौके पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र  PM मोदी 23 जनवरी यानी आज शाम इंडिया गेट पर नेताजी की होलोग्राम प्रतिमा का अनावरण करेंगे।

बाद में इस होलोग्राम प्रतिमा की जगह ग्रेनाइट से बनी भव्य प्रतिमा भी स्थापित की जाएगी। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की

आज शाम 6 बजे पीएम करेंगे प्रतिमा का अनावरण :-

प्रधानमंत्री PM मोदी ने बीते दिन घोषणा की थी कि, देश के महान सपूत सुभाषचंद्र बोस के प्रति आभार के प्रतीक के रूप में इंडिया गेट पर उनकी ग्रेनाइट की एक प्रतिमा लगाई जाएगी।

ग्रेनाइट से बनी यह प्रतिमा हमारे स्वतंत्रता संग्राम में नेताजी के अपार योगदान को ध्यान में रखते हुए, उन्हें राष्ट्र की ओर से श्रद्धांजलि और नेताजी के प्रति देश की कृतज्ञता का प्रतीक भी होगी।

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PM मोदी

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, प्रतिमा का काम पूरा होने तक नेताजी की होलोग्राम प्रतिमा ठीक उसी स्थान पर लगाई जाएगी। जहां प्रधानमंत्री PM मोदी आज शाम लगभग 6 बजे इंडिया गेट पर नेताजी की होलोग्राम प्रतिमा का अनावरण करेंगे।

पीएम मोदी ने किया था ट्वीट :-

बीते दिन पीएम मोदी ने ट्वीट करते हुए लिखा था, ऐसे समय में जब पूरा देश नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती मना रहा है।

मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है। कि ग्रेनाइट से बनी उनकी भव्य होलोग्राम प्रतिमा इंडिया गेट पर लगाई जाएगी। यह उनके प्रति भारत के ऋणी होने का प्रतीक होगा।

और साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इंडिया गेट पर 6 दशक से खाली पड़ी एक छतरी में नेताजी की प्रतिमा लगाई जाएगी। सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा उस छतरी में लगेगी,जहां पहले जॉर्ज पंचम की मूर्ति लगी थी। जार्ज पंचम की प्रतिमा को 1968 में हटा दिया गया था, तब से यह छतरी खाली ही है।

और अब 23 जनवरी से शुरू होगा गणतंत्र दिवस समारोह

नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जन्मदिवस को पराक्रम दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। सरकार ने ऐलान किया था कि, गणतंत्र दिवस समारोह की शुरुआत अब 24 जनवरी की बजाय 23 जनवरी से होगी।

यह फैसला नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जन्मदिन को गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल करने के उद्देश्य से किया गया। नेताजी का जन्म 23 जनवरी 1897 को हुआ था।

ये प्रतिमा उसी स्थान पर लगाई जाएगी जहां कभी लाल संगमरमर की छतरी के नीचे सम्राट जार्ज पंचम की प्रतिमा हुआ करती थी।

ये प्रतिमा 1968 तक इंडिया गेट पर लगी रही थी अर्थात देश के आजाद होने के दो दशकों तक जॉर्ज पंचम की प्रतिमा लाल छतरी के अंदर लगी रही थी।

आज PM मोदी ने ट्वीट कर कहा कि देशभर में इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए जो उत्साह देखने को मिल रहा है,उससे वो काफी अभिभूत है।

क्या कहा पीएम मोदी ने?

PM मोदी ने ट्वीट कर कहा, “आज शाम 6 बजे इंडिया गेट पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की होलोग्राम प्रतिमा के अनावरण के प्रति अपार उत्साह देखकर मुझे खुशी हो रही है। इसी कार्यक्रम में ‘सुभाष चंद्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार’ भी प्रदान किए जाएंगे।

इस ट्वीट में उन्होंने एक प्रेस रिलीज भी जारी की है। इस प्रेस रिलीज में PM मोदी और गृह मंत्री अमित शाह नेताजी सुभाष चंद्र बोस को श्रद्धांजलि अर्पित करने से संबंधित जानकारी विस्तार से दी गई है।

नेताजी सुभाष चंद्र बोस का नाम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखा गया है। उनका जन्म 23 जनवरी 1897 को ओडिशा के कटक में एक संपन्न बांग्ला परिवार में हुआ था। उन्होंने देश की आजादी में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

Conclusion :-

तो यह था नेताजी सुभाष चंद्र बोस के 150वीं जयंती पर नरेंद्र मोदी का ऐलान जो कि सभी देशवासियों को PM मोदी ने टि्वटर अकाउंट के जरिए सूचित किया था।

जो कि काफी अच्छा लगा सभी भारतीयों को उनका यह ऐलान जिसमें कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस की हेलो ग्राम प्रतिमा का आना वर्णन दिया गया।

उनके 150 जयंती पर यह एक आने वाले समय के लिए इतिहास ही हो सकता है। उनकी यह भव्य प्रतिमा आशा है। कि आप कोई आर्टिकल पसंद आया होगा आर्टिकल पसंद आया हो तो प्लीज अपना एक छोटा सा कमेंट हमें जरूर करें हमें काफी खुशी मिलेगी।

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