• November 29, 2022
एक किसान सरकार ने 56 हजार रुपये लौटने एक लिए 6 साल से भटक रहा है, पूरा बात जानने के बाद आप भी आश्चर्य हो जाएंगे
0 Comments
एक किसान सरकार ने 56 हजार रुपये लौटने एक लिए 6 साल से भटक रहा है, पूरा बात जानने के बाद आप भी आश्चर्य हो जाएंगे
एक किसान सरकार ने 56 हजार रुपये लौटने एक लिए 6 साल से भटक रहा है

जींद न्यूज: एक तरफ किसान आंदोलन अपने चरण सीमा पर है। किसान अपनी मांग को लेकर सरकार का विरोध कर रहे है तो वहीं दूसरे तरफ जींद जिले के खरैटी गाँव का रहने वाला एक किसान सरकार के द्वारा मिली गई रकम को सरकार को लौटना चाहते है। वह करीब 6 सालों से सरकार के पैसे लौटाने के लिए इधर-उधर भटक रहा है। उसने छः साल में कई जगह शिकायत कर चुके है लेकिन कुछ भी फायदा नहीं हुआ।

बताया जा रहा है कि उस किसान का सुरजमाल नैन है। वह एक इंजीनियर विभाग से रिटायर्ड इंजीनियर है। अभी उनकी उम्र 65 वर्ष है। अब वह किसानी का काम करते है। 2014 में सफेद मक्खी के प्रकोप से बहुत सेल किसानों को कपास की खेती नुकसान हो गई। उस नुकसान के भरपाई के लिए सरकार ने सभी किसानों को 7000 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा भी दिया।

यह भी पढ़े   हरियाणा के इस जिले में लगा सबसे पहला स्मार्ट मिटर, जाने स्मार्ट मीटर के क्या फायदे और नुकसान है

सुरजमल नैन के पास कुछ 20 एकड़ जमीन थी। सरकार ने 7000/- प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा दिया था। जबकि सुरजमल नैन ने केवल 2 एकड़ जमीन पर ही कपास की खेती किये हुए थे। और बाकी के 18 एकड़ जमीन में उन्होंने धान की फसल बोई थी। जो वह नुकसान नहीं हुई थी। सफेद मक्खी के करना केवल कपास की खेती नुकसान हुई थी।

सुरजमल सरकार के 56 हजार रुपये लौटाना चाहते है

सुरजमल को कुल 70 हजार मुआवजा मिला था। जबकि उन्हे 2 एकड़ खराब हुई फसल ने हिसाब से केवल 14 हजार रुपये मिलने चाहिए थे। इसलिए पिछले छः सालों से सुरजमल सरकार ने 56 हजार रुपये लौटने के लिए इधर-उधर भटक रहे है। उन्होंने इस बीच कई शिकायाते दर्ज कारवाई लेकिन सरकार उन पैसे को लेने को तैयार नहीं है। सुरजमल का कहना है कि उन्हे सरकार का कोई भी एक्स्ट्रा पैसे नहीं चाहिए। उनका जितना नुकसान हुआ है उतने का ही पैसा चाहिए।

Author

Hindihelptips0@gmail.com

Leave a Reply

Your email address will not be published.